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अमेरिकी कंपनियों को इनवॉइस करें, भारत में भुगतान पाएं

अगर आप SDR हैं और अमेरिकी क्लाइंट्स के लिए मीटिंग बुक करते हैं, आउटबाउंड सीक्वेंस बनाते हैं या लिस्ट साफ करते हैं, तो आपका इनवॉइस अक्सर उनकी फाइनेंस टीम के पास अटक जाता है। PANORAMA payments से इनवॉइस एक अमेरिकी कंपनी जारी करती है, इसलिए क्लाइंट का भुगतान पूरी तरह घरेलू हो जाता है। इसके बाद पैसा आपके भारतीय खाते में पहुंच जाता है।

अमेरिकी कंपनियों को इनवॉइस करें, भारत में भुगतान पाएं

आपके लिए यह ऐसा दिखता है

आप SDR हैं, आपका काम है मीटिंग बुक करना, सीक्वेंस बनाना और पाइपलाइन बनाए रखना। PANORAMA payments आपके लिए वह अमेरिकी कंपनी बन जाता है जो आपके क्लाइंट को इनवॉइस जारी करती है। इससे आपके क्लाइंट का भुगतान घरेलू हो जाता है, और आपको अपने काम पर ध्यान देने का समय मिलता है। जब क्लाइंट भुगतान कर देता है, तो हमारी फीस कटने के बाद बाकी राशि आपके बैंक खाते, वाइज़ या किसी अन्य तरीके से आपके पास पहुंच जाती है। आपको हर महीने सब्सक्रिप्शन नहीं देना होता, और जब तक क्लाइंट पैसे नहीं देता, तब तक कुछ नहीं कटता।

आपके क्लाइंट को क्या मिलता है

किससे
एक अमेरिकी कंपनी, माँगने पर W-9
किसको
आपका क्लाइंट: कंपनी या व्यक्ति
01आउटबाउंड कॉल और ईमेल के जरिए बुक की गई मीटिंगें

यह एक उदाहरण पंक्ति है, असली इनवॉयस नहीं। आपके शब्द, राशि और मुद्रा दस्तावेज़ पर ही जाते हैं।

अमेरिकी कंपनी के सामने विदेशी इनवॉइस की समस्या

जब कोई अमेरिकी कंपनी किसी विदेशी ठेकेदार से इनवॉइस पाती है, तो उनकी फाइनेंस टीम के लिए यह रोज़ का काम नहीं होता। उन्हें अंतरराष्ट्रीय भुगतान से जुड़े नियमों, कर फॉर्म और बैंक विवरण को समझना पड़ता है।

कई बार उन्हें विदेशी मुद्रा में भुगतान करना होता है, जिससे अतिरिक्त शुल्क और देरी जुड़ जाती है। कंपनी के खाता विभाग को यह भी सुनिश्चित करना होता है कि कर कटौती के नियम पूरे हों, और इसके लिए उन्हें बाहरी सलाहकार की जरूरत पड़ सकती है।

ऐसे में इनवॉइस अक्सर मंज़ूरी के लिए कई हाथों से गुजरता है, और आपका भुगतान लटक जाता है।

जब इनवॉइस किसी अमेरिकी कंपनी से आता है

PANORAMA payments के साथ, आपके क्लाइंट को इनवॉइस एक अमेरिकी कंपनी से मिलता है। उनके लिए यह किसी अन्य अमेरिकी विक्रेता से मिलने वाले बिल जैसा ही होता है।

वे ACH या वायर के जरिए डॉलर में भुगतान करते हैं, और जरूरत पड़ने पर W-9 फॉर्म उपलब्ध होता है। उनकी फाइनेंस टीम को कोई अतिरिक्त कागजी कार्रवाई नहीं करनी पड़ती।

इससे भुगतान की प्रक्रिया तेज़ और सरल हो जाती है, और आपका काम बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ता है।

आपके काम का तरीका और बिलिंग

SDR का काम अक्सर परियोजना आधारित होता है: कुछ महीनों के लिए आउटबाउंड सीक्वेंस चलाना, या एक निश्चित संख्या में मीटिंग बुक करना। आप अपना इनवॉइस हमेशा की तरह बनाते हैं, लेकिन उसे अमेरिकी कंपनी के नाम से जारी किया जाता है।

आप महीने के अंत में एक ही राशि का इनवॉइस दे सकते हैं, या हर हफ्ते काम किए गए घंटों के हिसाब से। कुछ SDR किसी खास काम, जैसे लिस्ट सफाई या सीक्वेंस सेटअप, के लिए एकमुश्त शुल्क लेते हैं।

PANORAMA payments आपके काम के तरीके में दखल नहीं देता। आप अपने क्लाइंट के साथ जो भी शर्तें तय करते हैं, वही इनवॉइस पर दिखती हैं।

कमीशन आधारित कमाई और हर बार अलग इनवॉइस

कई SDR को बेस पे के साथ कमीशन मिलता है, जो बुक की गई मीटिंग या क्लोज़ हुए डील पर निर्भर करता है। इसलिए हर महीने की इनवॉइस राशि अलग हो सकती है।

इससे क्लाइंट की फाइनेंस टीम को हर बार यह देखना पड़ता है कि किस काम के लिए कितना पैसा मांगा जा रहा है। अगर इनवॉइस किसी अमेरिकी कंपनी से आता है, तो यह समीक्षा आसान हो जाती है क्योंकि उन्हें विदेशी भुगतान की जटिलताओं से नहीं जूझना पड़ता।

आप अपनी इनवॉइस पर साफ-साफ लिख सकते हैं कि कितनी मीटिंग बुक हुईं, किस डील में क्या योगदान रहा, और कमीशन कैसे तय हुआ। इससे पारदर्शिता बढ़ती है और भुगतान में देरी की संभावना घटती है।

भुगतान कैसे पहुँचता है

  1. 1
    एक बार रजिस्टर और सत्यापन

    एक पहचान दस्तावेज़ और एक फ़ोटो। यह एक ही बार होता है, और पहली पेआउट से पहले पूरा होना चाहिए, इसलिए इसे उसी दिन कर लें जिस दिन खाता बनाएँ।

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    क्लाइंट और काम का ब्योरा दें

    वे कौन हैं, क्या तय हुआ, राशि और मुद्रा। इनवॉयस भेजने से पहले क्लाइंट और उनके देश की जाँच होती है, ताकि काम पूरा होने के बाद भुगतान अटके नहीं।

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    इनवॉयस अमेरिकी कंपनी से जाता है

    क्लाइंट को अमेरिकी सप्लायर का इनवॉयस मिलता है, अमेरिकी बैंक विवरण और माँगने पर W-9 के साथ। वे ACH या वायर से घरेलू भुगतान करते हैं।

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    पैसा आपके देश में आता है

    एक प्लेटफ़ॉर्म शुल्क काटकर बाकी रकम उसी रास्ते भेजी जाती है जो आपके देश में काम करता है: बैंक ट्रांसफ़र, SWIFT, SEPA, Wise, स्थानीय खाता या डॉलर-आधारित डिजिटल एसेट।

प्लेटफ़ॉर्म शुल्क 10% है और भुगतान के समय कटता है। कोई मासिक शुल्क नहीं, कोई रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं, और क्लाइंट के भुगतान से पहले कुछ भी नहीं लिया जाता।

इस पेशे में पूछे जाने वाले सवाल

क्या मेरे अमेरिकी क्लाइंट को W-9 फॉर्म मिल सकता है?

हां, जरूरत पड़ने पर अमेरिकी कंपनी की ओर से W-9 फॉर्म उपलब्ध कराया जाता है। इससे क्लाइंट की कर रिपोर्टिंग आसान हो जाती है।

क्या मैं हर महीने अलग राशि का इनवॉइस दे सकता हूं?

बिल्कुल। आपकी कमाई में कमीशन शामिल हो सकता है, इसलिए हर महीने की राशि अलग हो सकती है। आप अपने इनवॉइस पर काम का विवरण दे सकते हैं।

क्या क्लाइंट का अमेरिकी होना जरूरी है?

नहीं, क्लाइंट किसी भी देश का हो सकता है, बशर्ते वह देश प्रतिबंधों के अधीन न हो। इनवॉइस कई मुद्राओं में जारी किया जा सकता है, जैसे डॉलर, यूरो, पाउंड आदि।

मुझे भुगतान कैसे मिलेगा?

आपके देश के हिसाब से बैंक ट्रांसफर, SWIFT, SEPA, Wise या डिजिटल एसेट्स में भुगतान किया जा सकता है। आपको केवल एक प्लेटफॉर्म फीस देनी होती है।

क्या PANORAMA payments मेरे लिए टैक्स संभालता है?

नहीं, आप अपने देश में करों के लिए खुद जिम्मेदार हैं। PANORAMA payments कर सलाह नहीं देता और न ही आपका नियोक्ता है।

पहला इनवॉयस भेजिए

खाता बनाइए, सत्यापन पूरा कीजिए और इनवॉयस बनाइए। क्लाइंट के भुगतान तक आपसे कुछ नहीं लिया जाता।

शुरू करें

क्लाइंट, अनुबंध और कीमत आपकी रहती है। इनवॉयस और पेआउट हमारी ज़िम्मेदारी।

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PANORAMA payments एक भुगतान सेवा है। यह नियोक्ता, एजेंसी या कर सलाहकार नहीं है, और इस पेज पर कुछ भी कर या कानूनी सलाह नहीं है।