साइन अप से भुगतान तक का क्रम
पहले आप PANORAMA payments पर रजिस्टर करते हैं और एक बार अपनी पहचान सत्यापित करते हैं। फिर आप अपने क्लाइंट और काम का विवरण देते हैं — किसके लिए क्या बनाया जा रहा है, कितनी इकाइयाँ हैं, और डिलीवरी का तरीका।
इसके बाद एक अमेरिकी कंपनी आपकी ओर से क्लाइंट को इनवॉइस जारी करती है। क्लाइंट का अकाउंट्स विभाग उसे पूरी तरह घरेलू भुगतान मानता है: डॉलर में ACH या वायर से पैसा एक अमेरिकी बैंक खाते में जाता है। जरूरत पड़ने पर W-9 फॉर्म भी उपलब्ध रहता है।
जब भुगतान आ जाता है, PANORAMA payments अपनी एकमात्र फीस काटकर बाकी रकम आपके देश में भेज देता है। आप बैंक ट्रांसफर, SWIFT, SEPA, Wise, स्थानीय खाता या डॉलर-आधारित डिजिटल एसेट्स में से कोई एक चुन सकते हैं। कोई मासिक शुल्क नहीं है और क्लाइंट के भुगतान से पहले कुछ नहीं कटता।
कागजी कार्रवाई और क्लाइंट को क्या मिलता है
क्लाइंट को एक सामान्य अमेरिकी इनवॉइस मिलता है। उसमें अमेरिकी कंपनी का नाम होता है, इसलिए उनकी खरीद प्रक्रिया में कोई विदेशी वेंडर फॉर्म नहीं भरना पड़ता। उनके लिए यह घरेलू लेन-देन जैसा ही है।
क्लाइंट का अमेरिकी होना जरूरी नहीं है। दुनिया के किसी भी गैर-प्रतिबंधित देश के क्लाइंट की ओर से भुगतान स्वीकार किया जाता है, और इनवॉइस ग्यारह मुद्राओं में जारी हो सकता है — अमेरिकी डॉलर, यूरो, पाउंड स्टर्लिंग, कनाडाई और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, स्विस फ्रैंक आदि। भुगतानकर्ता कंपनी हो या व्यक्ति, पैसा हमेशा अमेरिकी कंपनी को ही प्राप्त होता है।
अपने देश के टैक्स की जिम्मेदारी आपकी रहती है। PANORAMA payments टैक्स सलाह नहीं देता और न ही किसी का नियोक्ता है।
AI कंटेंट क्रिएटर के लिए विशेष रूप से
AI कंटेंट का काम अक्सर छोटे-छोटे टुकड़ों में होता है। एक प्रोजेक्ट में दर्जनों जनरेटेड इमेज, कैरेक्टर वेरिएशन, या विज्ञापन के लिए कई फॉर्मेट बनाने होते हैं। हर मंजूरी के बाद नई डिलीवरी होती है और आखिर में एक ही इनवॉइस बनता है।
PANORAMA payments इसी प्रवाह को सरल बनाता है। आप काम का विवरण एक बार देते हैं, फिर इनवॉइस अमेरिकी कंपनी की ओर से जाता है। क्लाइंट को बस एक बार भुगतान करना होता है, चाहे पीछे सौ छोटी डिलीवरी हों।
इससे क्लाइंट का अकाउंट्स विभाग खुश रहता है और आपको बार-बार भुगतान का पीछा नहीं करना पड़ता।
पंजीकरण की प्रक्रिया
पंजीकरण सीधा है। पहले आप अपना नाम और संपर्क विवरण देते हैं। दूसरे, पहचान सत्यापन के लिए जरूरी दस्तावेज अपलोड करते हैं। तीसरे, आप अपना बैंक विवरण या भुगतान पाने का तरीका बताते हैं।
इसके बाद आप किसी भी क्लाइंट के लिए इनवॉइस बनाना शुरू कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया में आपको बार-बार जानकारी नहीं देनी होती।
